जेएनयू परिसर से एक नया विवाद सामने आया है, जहां आपत्तिजनक और उत्तेजक नारों के वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की। यह मामला छात्रों के एक समूह से जुड़ा है, जिसने कैंपस में ऐसी धटनाओं को नया मोड़ दे दिया।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि सभा के दौरान लगाए गए नारे हिंसा को बढ़ावा देने वाले और संवेदनशील मुद्दों पर आघात पहुंचाने वाले थे। सोशल मीडिया पर वीडियो के फैलते ही पुलिस हरकत में आ गई। एफआईआर में राजद्रोह जैसी गतिविधियों और नफरत फैलाने के प्रावधान जोड़े गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर अनुशासन बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है। पुलिस टीमें फुटेज की जांच कर रही हैं और संदिग्धों की सूची तैयार हो रही है। ‘कानून-व्यवस्था बनी रहेगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा,’ पुलिस अधिकारी ने कहा।
राजनीतिक दलों ने बयानबाजी शुरू कर दी। सत्ताधारी दल ने इसे ‘देशद्रोही तत्वों’ का काम बताया, जबकि विपक्ष ने छात्र अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। जेएनयूएसयू ने संवाद की अपील की।
यह घटना शिक्षा संस्थानों में वैचारिक संघर्ष को उजागर करती है। जांच से सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल कैंपस में सतर्कता बरती जा रही है। दिल्ली पुलिस की सक्रियता से उम्मीद बंधी है कि न्याय होगा।