उत्तर प्रदेश में आयोजित एक रैली में समाजवादी पार्टी नेता एसपी वेद ने गरजते हुए कहा कि उमर खालिद, शरजील इमाम और उनके समर्थकों के लिए भारत में कोई जगह नहीं बची है। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और टीवी चैनलों पर बहस छिड़ गई।
‘राष्ट्र-विरोधी तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा,’ वेद ने जोर देकर कहा। संदर्भ था 2020 दिल्ली दंगों का, जहां इन दोनों पर भड़काऊ भाषणों का आरोप है। जेएनयू छात्र रहे खालिद और एक्टिविस्ट इमाम लंबे समय से जेल में हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हैं। समर्थक इसे राष्ट्रहित में कदम मान रहे हैं, आलोचक इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहे हैं। एसपी की यह लाइन पारंपरिक वोट बैंक से इतर नई दिशा दिखाती है।
वेद के पूर्व बयानों ने हमेशा सुर्खियां बटोरी हैं। वर्तमान में अदालतें इन केसों पर विचार कर रही हैं, जहां साक्ष्य पेश हो रहे हैं।
यह मुद्दा युवाओं के कट्टरकरण, सोशल मीडिया की भूमिका और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। एसपी वेद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि देश की संप्रभुता सर्वोपरि है।
चुनावी माहौल में यह बयान रणनीतिक महत्व रखता है। क्या यह समाजवादी पार्टी को मजबूत बनाएगा या विवादास्पद? आने वाले समय इसका पता चलेगा।