मध्य प्रदेश सरकार ने रीवा और मैहर में औद्योगिक पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में 90 दिनों के अंदर प्रमुख उपलब्धियां हासिल करने के आदेश दिए गए।
रीवा जिले में भारी उद्योगों और लॉजिस्टिक्स पर केंद्रित विशाल पार्क विकसित होगा, जबकि मैहर में खाद्य प्रसंस्करण और इंजीनियरिंग क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलेगी। वर्तमान बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें केंद्र की योजनाओं से अतिरिक्त धनराशि आएगी।
शुक्ला ने स्पष्ट कहा, ‘औद्योगीकरण से रोजगार पैदा होता है। इन क्षेत्रों की क्षमता का उपयोग सुनिश्चित करें।’ प्रत्येक पार्क के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने, निवेशक सम्मेलनों का आयोजन और एकल खिड़की प्रणाली लागू करने के निर्देश हैं। पर्यावरण मानकों का कठोर पालन होगा।
तीन वर्षों में 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उद्योग संगठनों ने समर्थन की प्रतिबद्धता जताई है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जुड़ी हुई है।
रीवा-मैहर औद्योगिक परियोजनाएं मध्य प्रदेश के संतुलित विकास का प्रतीक बनेंगी, जो लाखों लोगों के जीवन को बदल देंगी।