देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के परिजनों से लंबी चर्चा की। रिसॉर्ट में हत्या का शिकार हुई अंकिता के माता-पिता ने अपनी पीड़ा बयां की, तो सीएम ने गले लगाकर सांत्वना दी। यह मुलाकात दो साल पुराने उस हादसे की याद ताजा करती है जिसने राज्य को हिला दिया।
ऋषिकंड के वनांतर रिसॉर्ट में काम करने वाली अंकिता का शव खाई से बरामद हुआ। आरोपी पुलकित आर्य, प्राप्स मैनेजर और अन्य पर मुकदमा दर्ज। कोर्ट में सुनवाई जारी है, लेकिन जांच में खामियों के आरोप लगते रहे। परिवार ने सीएम से गहन जांच की अपील की।
धामी ने आश्वस्त किया कि विशेष अदालत जल्द फैसला सुनाएगी। ‘हम किसी भी दबाव में नहीं झुकेंगे,’ उन्होंने कहा। महिलाओं के लिए नई सुरक्षा योजनाएं बताईं, जैसे रिसॉर्ट्स में 24×7 निगरानी और शिकायत पोर्टल। अंकिता फाउंडेशन के जरिए परिवार को सहारा देने का ऐलान भी किया।
यह दौरा तब हुआ जब विपक्ष जांच पर सवाल उठा रहा था। धामी का प्रयास सराहनीय है, जो राजनीति से ऊपर उठकर न्याय सुनिश्चित करने का संकल्प दिखाता है।
उत्तराखंड के पर्यटन हब में ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं। अंकिता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सीएम की संवेदनशीलता से परिवार को हिम्मत मिली है, और समाज को सबक। न्याय की इस लड़ाई में राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।