भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल की नई राज्य समिति घोषित की, जिसमें प्रमुख नेता दिलीप घोष, सुकांत मजूमदार और सुवेंदु अधिकारी गायब हैं। इस फैसले की वजह पार्टी ने साफ बताई है।
बीजेपी का तर्क है कि संगठन को तरोताजा करने के लिए युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाना जरूरी। ‘बूथ स्तर के हीरो को सम्मान मिलना चाहिए,’ प्रदेश नेतृत्व ने कहा। 20 सदस्यीय पैनल में जिला प्रभारी, युवा मोर्चा नेता प्रमुख हैं।
सुवेंदु अधिकारी टीएमसी से बीजेपी में आए और नंदीग्राम में ममता को हराया। सुकांत राज्य प्रमुख हैं, दिलीप घोष आक्रामक वक्ता। फिर भी इन्हें जगह नहीं। पार्टी स्पष्ट करती है कि ये भूमिकाएं अपरिवर्तित हैं।
पृष्ठभूमि: 2019 में बीजेपी का उभार, 2021 में झटका। 2024 में सुधार लेकिन अपेक्षा से कम। अब 2026 की तैयारी में सांदेशखाली, वक्फ जैसे मुद्दों पर जोर।
समिति विविधता पर केंद्रित- महिलाएं, एससी-एसटी, शहरी युवा। दिल्ली से हस्तक्षेप की अटकलें हैं, लेकिन पार्टी एकजुटता का दावा कर रही।
टीएमसी हंसी उड़ा रही, बीजेपी जवाब दे रही। यह बदलाव बंगाल की सियासत को नया मोड़ दे सकता है। नई टीम की सफलता ही फैसला करेगी।