बिहार विधानसभा में ग्रामीण कार्य मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के बयान ने सुर्खियां बटोरीं। 2019 से 2024 तक प्रदेश के 243 विधायकों ने क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर 3633 करोड़ रुपये खर्च किए। यह राशि बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित हुई।
सिंचाई नहरों से लेकर सामुदायिक भवनों तक, सभी 38 जिलों में इन फंडों का उपयोग हुआ। मंत्री ने विधानसभा में औसतन प्रति विधायक 30 करोड़ के व्यय का उल्लेख किया। नीतीश कुमार सरकार की विधायक क्षेत्र विकास योजना ने अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने में सफलता दिखाई।
विपक्ष ने खर्च की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए, लेकिन यादव ने 85 प्रतिशत परियोजनाओं के पूर्ण होने के आंकड़े पेश किए। आने वाले बजट में 15 प्रतिशत वृद्धि का ऐलान किया गया है।
बिहार की गरीबी और पलायन जैसी समस्याओं से जूझते हुए ये निवेश समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ब्लॉकचेन ट्रैकिंग जैसी नई तकनीकों का उपयोग होगा।