ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रवक्ता एसटी हसन ने दिल्ली मस्जिद विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई के साथ-साथ पथराव को भी निंदनीय बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं सामुदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं।
परिस्थिति तब बिगड़ी जब दिल्ली नगर निगम ने मस्जिद के आसपास के अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाया। ग्रामीणों ने भारी विरोध किया और सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंक दिए। झड़प में पुलिस वाले चोटिल हुए और स्थिति संभालने के लिए भारी बल तैनात करना पड़ा।
‘प्रशासन को कानून का पालन करना चाहिए न कि बल प्रदर्शन,’ हसन ने कहा। ‘लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से देना भी अपराध है।’ उन्होंने प्रभावित लोगों के पुनर्वास और पूर्व नियोजित कार्रवाई की मांग की। यह बयान राजनीतिक दलों के बीच बहस छेड़ सकता है।
देश के कई हिस्सों में बुलडोजर अब प्रतीक बन चुका है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन न होने पर सवाल उठते हैं। दिल्ली में जगह की कमी से ऐसी कार्रवाइयां बढ़ी हैं परंतु इन्हें संवेदनशीलता से करना जरूरी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हैं। बीजेपी ने हसन पर निशाना साधा तो कांग्रेस ने जांच की मांग की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। हसन ने आशा जताई कि संवाद से समस्याएं सुलझेंगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।