भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली ने 50,000 राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणपत्र हासिल कर एक नया रिकॉर्ड गढ़ा है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
एनक्यूएएस के तहत स्वास्थ्य संस्थानों का 100 से अधिक मापदंडों पर परीक्षण होता है। दूरस्थ गांवों के पीएचसी से शहरों के अस्पताल तक सभी अब उच्च मानकों पर खरे उतर रहे हैं।
कार्यक्रम ने मोर्चा पर तैनात कर्मचारियों को जवाबदेही का हथियार दिया। डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रशिक्षण से प्रमाणीकरण तेज हुआ। उत्तर प्रदेश के 8,000 प्रमाणपत्र देश में सबसे अधिक हैं।
प्रभाव स्पष्ट हैं: अस्पताल संक्रमण 30% कम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य बेहतर। कोविड के दौरान इन केंद्रों ने संकट संभाला।
पांच वर्षों में 400% वृद्धि नीतिगत प्रोत्साहन से हुई। आगे एबीडीएम से एकीकरण होगा। ग्रामीण-शहरी अंतर को पाटने की जरूरत है।
यह मील का पत्थर एसडीजी लक्ष्यों से जोड़ता है। मरीजों के लिए हर केंद्र भरोसेमंद बन गया—देश एक मजबूत स्वास्थ्य भारत की ओर अग्रसर है।