कराची में गायब हुई दो वर्षीय भारतीय बालिका अरिहा शाह का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को चिट्ठी लिख तुरंत दखल की अपील की। जम्मू निवासी अरिहा अपने परिवार के साथ पाकिस्तान यात्रा पर थी।
14 अक्टूबर को सोल्जर बाजार के आवासीय क्षेत्र से अरिहा लापता हो गई। मां फातिमा और पिता दीपक की तलाश जारी है। पाक पुलिस ने जांच शुरू की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले, किंतु कोई क्लू नहीं। परिवार परेशान, भारतीय कांसुलेट सहायता कर रहा।
सीपीआईएम नेताओं ने कहा, ‘पाकिस्तान की सुस्ती असहनीय। जयशंकर जी उच्च स्तरीय टीम भेजें।’ उन्होंने पाक उच्चायुक्त को तलब करने और प्रेस कॉन्फ्रेंस की मांग की। पार्टी का मानना है कि कूटनीतिक दबाव ही अरिहा को मुक्त कराएगा।
देशभर में आक्रोश फैला। ट्विटर पर लाखों पोस्ट, जम्मू में धरने। राजनीतिक दल एकजुट। अरिहा के पिता का दर्दनाक बयान वायरल: ‘बेटी कहां हो तुम?’ यह ट्रेजडी सीमा पार यात्राओं के खतरे उजागर करती।
पाकिस्तान ने जांच का भरोसा दिया, पर भारत संदेहपूर्ण। पूर्व राजदूतों का कहना, सतर्कता बरतें। सीपीआईएम का पत्र सरकार को हरकत में ला सकता। अरिहा की सलामती ही प्राथमिकता। यह घटना द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित करेगी।
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नई नीतियां जरूरी। सीपीआईएम की पहल सराहनीय। जल्द समाधान की प्रतीक्षा।