दिल्ली के सांस लेने लायक हवा का संकट गहराता जा रहा है और इसी बीच भाजपा नेता हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी को घेर लिया। खुराना ने आरोप लगाया कि आप प्रदूषण के ज्वलंत मुद्दे पर बहस से भाग रही है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आप सरकार के प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों को नाकाम करार दिया। ‘फ्रीबीज बांटने में तो माहिर हैं, लेकिन प्रदूषण रोकने में पूरी तरह नाकाम,’ खुराना ने कहा।
वर्तमान में दिल्ली का AQI ‘गंभीर’ स्तर पर है। खुराना ने यमुना के किनारे कचरा पहाड़ों, अवैध डीजल जनरेटरों और ट्रैफिक जाम से निकलने वाले धुएं का जिक्र किया। उन्होंने पंजाब-हरियाणा सीमा पर पराली जलाने की बजाय बायो-डिकंपोजर जैसी तकनीकों को अपनाने की वकालत की, जो भाजपा राज्यों में सफल हो रही हैं। केजरीवाल को आमने-सामने बहस की खुली चुनौती देते हुए खुराना ने कहा कि आप के पास जवाब नहीं हैं।
GRAP के तहत स्कूल बंद, निर्माण कार्य रुके हुए हैं, लेकिन मूल समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। खुराना ने आप के वृक्षारोपण अभियान और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रचार स्टंट बताया। प्रदूषण से प्रभावित नागरिकों का गुस्सा भड़क रहा है। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और यह मुद्दा वोटरों के लिए सबसे बड़ा हो सकता है। आप नेताओं ने प्रतिक्रिया में अपने ‘हरियाली मिशन’ का हवाला दिया, लेकिन खुराना का सवाल बरकरार है – प्रदूषण पर खुलकर बहस क्यों नहीं?