दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाकों पर हो रही कथित घेराबंदी का खुलासा करते हुए कासिम रसूल इलियास ने चेतावनी दी है। उनके आरोपों ने स्थानीय प्रशासन पर सवालों की बौछार कर दी है।
उन्होंने विशिष्ट उदाहरण दिए जहां रात्रिकालीन छापेमारी, बिजली-पानी कटौती और व्यापारिक लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम उठाए गए। ‘ये इलाके विशेष रूप से निशाने पर हैं,’ इलियास ने कहा।
प्रभावित क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। परिवारों में दहशत है, आर्थिक नुकसान हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सबूत इकट्ठा कर मानवाधिकार आयोग से शिकायत की तैयारी में हैं।
यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गया है। कानूनी जानकार समानता के सिद्धांत पर जोर दे रहे हैं। राजनीतिक दल अपनी-अपनी राजनीति चला रहे हैं।
प्रशासन ने आंतरिक जांच का संकेत दिया है, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए। सोशल मीडिया पर अभियान तेज हो गया है।
इलियास की यह पहल समावेशी समाज की दिशा में महत्वपूर्ण है। दिल्ली को एकजुट रखने के लिए निष्पक्षता जरूरी है।