भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ सोमनाथ धाम में स्वाभिमान पर्व का भव्य आयोजन प्रारंभ हो चुका है। प्रभास पाटन के पावन धाम में 72 घंटे तक निरंतर ‘ॐ’ का अखंड नाद गूंजेगा। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक आयोजन समस्त राष्ट्र को एक सूत्र में बांध रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस पर्व में सम्मिलित होना देश के सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। सोमनाथ ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल धार्मिक महापंचमी में संत समाज, गणमान्य नागरिक और असंख्य भक्त उपस्थित हैं।
सूर्योदय के साथ प्रारंभ हुए इस महाअनुष्ठान में 108 मंगल घंटों की ध्वनि संगत में ओंकार जाप हो रहा है। मंदिर के चारों ओर बने विशेष मंडपों में जपकारों की टोलियां रिले के रूप में कार्यरत हैं। लाइव प्रसारण से विश्व के हर कोने में बैठे शिवभक्त इस पर्व का लाभ उठा रहे हैं।
स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य सोमनाथ के ऐतिहासिक पुनर्निर्माण को स्मरण कराना है। सदियों की गुलामी के बाद स्वतंत्र भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में 1951 में मंदिर का पुनरुद्धार हुआ था। यह घटना भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक बनी।
तीन दिवसीय आयोजन में वैदिक सत्र, भजन संध्या, नाट्य प्रस्तुतियां और ऐतिहासिक प्रदर्शनियां शामिल हैं। गुजरात की लोक कलाओं का भी भरपूर प्रदर्शन हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
अरब सागर की लहरों के संगत में गूंजता ऑंकार नाद भक्तों के हृदय को स्पंदित कर रहा है। अनेक भक्तों ने आध्यात्मिक अनुभवों का उल्लेख किया है। पीएम मोदी के दर्शन मात्र से ही यह पर्व स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।