भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने हाईकोर्ट के फैसले को सत्य की विजय बताते हुए कहा, ‘सत्य की जीत हुई है।’ यह आदेश उनके खिलाफ दायर मानहानि के केस को खारिज करता है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। गौतम की जीत पार्टी के लिए प्रेरणादायक साबित हो रही है।
मामले की शुरुआत गौतम के सार्वजनिक बयानों से हुई, जिसमें उन्होंने विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की गहन जांच की और याचिकाओं को खारिज कर दिया। गौतम ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘झूठ की राजनीति अब नहीं चलेगी। न्याय ने सच्चाई का साथ दिया।’
फैसले में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जोर दिया गया, जो लोकतंत्र के लिए जरूरी है। भाजपा नेताओं ने इसे ऐतिहासिक बताया। गौतम अब विकास और पारदर्शिता पर फोकस करने की बात कर रहे हैं। कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं।
यह फैसला भविष्य के केसों के लिए मिसाल बनेगा। गौतम की लोकप्रियता बढ़ेगी। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि यह विपक्ष को सबक देगा। सत्य हमेशा जीतता है, यही इस घटना का संदेश है।