मधुबनी में राजनीतिक सभा के दौरान भड़की झड़प ने कांग्रेस को निशाने पर ला खड़ा किया है। भाजपा और जदयू ने इस घटना को कांग्रेस की ‘मारपीट वाली संस्कृति’ का प्रतीक बताते हुए कटाक्ष किया। राजेश राम की मौजूदगी में हुई इस घटना ने विपक्ष की पोल खोल दी।
सभा स्थल पर कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ा और देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। मंच धसकने को हो गया था, जबकि नेता राजेश राम ने शांति की अपील की। वीडियो फुटेज से साफ है कि स्थिति कितनी नाजुक हो गई थी।
भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में गुंडों का राज चलाती है। जदयू नेताओं ने इसे सांठगांठ का नतीजा बताया और सतर्कता बरतने की चेतावनी दी। पुलिस ने हस्तक्षेप कर भीड़ को तितर-बितर किया।
बिहार में ऐसी घटनाएं चुनावी माहौल को गरमा देती हैं। एनडीए इसे अपनी लॉ एंड ऑर्डर की मजबूती के प्रमाण के रूप में पेश कर रहा है। कांग्रेस ने जवाब में कहा कि यह भाजपा का षड्यंत्र है, लेकिन सबूत कमजोर नजर आ रहे हैं।
यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। सोशल मीडिया पर #कांग्रेसगुंडाराज ट्रेंड कर रहा है। मधुबनी की यह चिंगारी बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है, जहां शांति और संयम की सख्त जरूरत है।