थ्रिसूर से कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटथिल को रेप के आरोप में गिरफ्तारी से केरल हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान की है। कोर्ट के इस आदेश ने पुलिस की कार्रवाई को रोक दिया, जो विधायक को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने वाली थी। मामला एक महिला सहयोगी के बलात्कार के आरोप से जुड़ा है।
पीड़िता का आरोप है कि विधायक ने पार्टी के एक कार्यक्रम के बाद उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। शिकायत में धमकी, ब्लैकमेल और शोषण की पूरी घटना का जिक्र है। थ्रिसूर पुलिस ने मामला दर्ज कर विधायक को समन भेजा, लेकिन वे कोर्ट पहुंच गए।
याचिका में विधायक ने कहा कि यह राजनीतिक दुश्मनी का नतीजा है। उन्होंने समयरेखा में विसंगतियां और गवाहों के बयानों का हवाला देकर जांच को पक्षपाती बताया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गिरफ्तारी पर रोक लगाई।
जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने स्पष्ट किया कि तत्काल हिरासत जरूरी नहीं। कोर्ट ने एसआईटी गठित करने और स्टेटस रिपोर्ट मांगी। विधायक को राज्य छोड़ने पर पाबंदी लगाई गई। यह फैसला जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास है।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। कांग्रेस इसे साजिश बता रही, तो सत्ताधारी दल ने विधायक को पार्टी से निलंबित करने की मांग की। महिला अधिकार संगठन सतर्क हैं। यह घटना राजनीति में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाती है।