लोकसभा में आज प्रदूषण के सवाल पर आम आदमी पार्टी ने ड्रामेटिक वॉकआउट किया, केंद्र सरकार को घेरते हुए सदन छोड़ दिया। दिल्ली में फैली जहरीली हवा के खिलाफ विपक्ष ने सरकार की नाकामी उजागर की, जिससे कार्यवाही ठप हो गई।
आप सांसदों ने अग्निपुंज सिंह राघव चड्ढा के नेतृत्व में पर्यावरण मंत्री से सवाल किया। पराली जलाने पर रोक, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की समयसीमा बताने को कहा। ‘बच्चों की सांसें रुक रही हैं, सरकार सो रही है,’ चड्ढा ने तंज कसा।
सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) और मेट्रो विस्तार का हवाला दिया, लेकिन आप ने इसे अपर्याप्त बताते हुए बहिष्कार का फैसला लिया। नारे लगाते हुए सदस्य बाहर आए, जो वीडियो वायरल हो गया।
एनसीआर में पराली से 40 प्रतिशत प्रदूषण का योगदान है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही चेतावनी दी है। सर्दियों में शांत हवाओं से प्रदूषण फंस जाता है। आप इस मुद्दे को चुनावी हथियार बना रही है।
विशेषज्ञों ने बायो-डिकंपोजर और स्मॉग टावरों का सुझाव दिया है। सरकार को अब बड़े कदम उठाने होंगे, वरना राजनीतिक नुकसान होगा। दिल्लीवासियों को साफ हवा का इंतजार है।