कांग्रेस के दिग्गज नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक रैली में ऐसा सवाल किया, जिसने राजनीतिक घमासान पैदा कर दिया। ‘क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री का अपहरण कर लेंगे?’ – इस बयान ने न केवल सत्ताधारी दल को बैकफुट पर ला दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया। महाराष्ट्र चुनावों के मद्देनजर यह हमला भाजपा के लिए चुनौती बन गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण ने मोदी-ट्रंप की नजदीकी पर चुटकी लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का अमेरिकी नेता के प्रति अति उत्साह देशहित के खिलाफ है। उन्होंने 2019 के ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए आगाह किया कि ऐसी मित्रता अप्रत्याशित परिणाम ला सकती है। चव्हाण का इशारा मोदी की विदेश यात्राओं पर खर्च और आंतरिक मुद्दों की अनदेखी की ओर था।
यह बयान उस समय आया जब ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीता और मोदी ने उन्हें सबसे पहले बधाई दी। विपक्ष का मानना है कि केंद्र सरकार विदेश नीति को व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित कर रही है, जो जोखिम भरा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन इस मुद्दे को भुनाने की again कोशिश में जुटा है।
भाजपा नेताओं ने चव्हाण पर हमला बोला और उनके बयान को अपमानजनक बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस देश की एकता को तोड़ने की साजिश रच रही है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयानों पर देशद्रोह के तहत कार्रवाई हो सकती है।
चव्हाण का लंबा राजनीतिक सफर रहा है – आईआईटी ग्रेजुएट से मुख्यमंत्री तक। उनका यह अंदाज विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लगता है। चुनावी समर में यह विवाद निर्णायक साबित हो सकता है। भारतीय राजनीति में व्यंग्य और आलोचना की यह मिसाल भविष्य के लिए सबक है।