जम्मू-कश्मीर स्किल डेवलपमेंट मिशन का ‘असिस्टेंट बुककीपिंग ट्रेनिंग’ कोर्स बेरोजगारी पर लगाम कस रहा। पूरी तरह वित्त पोषित यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही।
पाठ्यक्रम में डबल एंट्री, पेरोल, टैक्स फाइलिंग और एडवांस एक्सेल शामिल। 12 सप्ताह की इंटेंसिव ट्रेनिंग में सर्टिफाइड इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ पढ़ाते।
मासिक 5 हजार स्टाइपेंड, सर्टिफिकेशन और जॉब लिंकेज – सब मुफ्त। प्रोग्राम हेड ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य 100 प्रतिशत प्लेसमेंट।’
85 प्रतिशत ट्रेनी 30 दिनों में नौकरी पा चुके, सैलरी 15 से 25 हजार तक। अनंतनाग के फारूक अब एक्सपोर्ट हाउस में बुककीपर।
हस्तशिल्प, बागवानी, पर्यटन क्षेत्रों में मांग बढ़ी। अगले साल 2 हजार ट्रेनी का लक्ष्य। डिजिटल बाधाओं पर काबू पाने के लिए ऑफलाइन मोड।
यह योजना राष्ट्रीय कौशल योजना से जुड़कर आर्थिक मजबूती देगी।