मिर्गी के मरीजों को अब दवा की सही मात्रा मिलेगी। एम्स ने थेराप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच शुरू की है, जो पूरी तरह मुफ्त है। यह टेस्ट ब्लड में दवा का लेवल चेक करता है, ताकि ओवरडोज या कम डोज की समस्या न हो।
देशभर में मिर्गी लाखों परिवारों को परेशान कर रही है। गलत डोज से दौरे बढ़ जाते हैं। एम्स के डॉक्टरों का कहना है, ‘टीडीएम से 70 फीसदी मरीजों को फायदा होगा।’
सोमवार से शनिवार तक न्यूरोलॉजी क्लिनिक में उपलब्ध। प्रिस्क्रिप्शन दिखाएं, सैंपल दें—बस। 48 घंटे में रिपोर्ट मिलेगी। लॉन्च होते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे सराहा। जल्द ही अन्य शहरों के एम्स में भी शुरू होगा। एक मरीज ने कहा, ‘जिंदगी नई हो गई।’
यह कदम मिर्गी जैसे क्रॉनिक रोगों के इलाज में क्रांति लाएगा। एम्स की यह सेवा हर मरीज तक पहुंचे, यही उम्मीद है।