जेएनयू परिसर से एक बार फिर भड़क उठे नारे राजनीति के केंद्र में आ गए। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीधे निशाना साधते हुए ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को चेतावनी दी कि गलतफहमी में न रहें। कैंपस में हुए कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा लगाए गए नारों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं।
यह घटना पुरानी विवादों को ताजा कर रही है। गिरिराज सिंह, जो बिहार से भाजपा के दिग्गज नेता हैं, ने अपने बयान से स्पष्ट संदेश दिया। उनका कहना है कि राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जेएनयू का इतिहास ऐसे प्रसंगों से भरा पड़ा है। 2016 का सेडिशन केस इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां देश-विरोधी नारों के आरोप लगे थे। वर्तमान में भी वही स्वर सुनाई दे रहे हैं, जिससे सरकार सतर्क हो गई है।
प्रशासन ने जांच का भरोसा दिलाया है। विपक्ष इसे दबाव की राजनीति बता रहा है, वहीं समर्थक इसे आवश्यक कदम मानते हैं। गिरिराज सिंह का बयान भाजपा की एकता की राजनीति को पुष्ट करता है।
अंततः यह घटना शिक्षा संस्थानों में राष्ट्रवाद की बहस को तेज करती है। देश को एकजुट रखने के लिए सभी को जिम्मेदार बनना होगा।