बीएसएफ जम्मू ने बुजुर्ग मरीजों के लिए विशेष मोतियाबिंद सर्जरी कैंप का आयोजन किया, जिसमें कई वृद्धजनों को सफलतापूर्वक इलाज प्रदान किया गया। यह चिकित्सा शिविर बीएसएफ की मानवसेवी भावना का प्रतीक है, जो सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है। मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की संख्या जम्मू जैसे क्षेत्रों में अधिक है, और इस सर्जरी से उनकी दृष्टि बहाल हो गई।
कैंप में बीएसएफ के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आधुनिक तकनीक से ऑपरेशन किए। मरीजों को मुफ्त दवाएं, चश्मा और फॉलो-अप जांच की सुविधा भी दी गई। एक बुजुर्ग ने खुशी जताते हुए कहा कि अब वे खुद पढ़ सकेंगे और परिवार के सदस्यों को पहचान सकेंगे। मोतियाबिंद सर्जरी में फारोइक लेंस प्रत्यारोपण किया जाता है, जो कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है।
इस पहल से स्थानीय समुदाय में उत्साह है। बीएसएफ जम्मू न केवल सुरक्षा बल है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी योगदान दे रहा है। आंखों की इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर नजर रखें और डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसी मुहिमें ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाएंगी। बीएसएफ की यह सेवा प्रशंसनीय है।