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    Home»India»मालनी अवस्थी की ‘चंदन किवाड़’: आम महिलाओं की लोकगीतों से जुड़ी कहानियाँ
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    मालनी अवस्थी की ‘चंदन किवाड़’: आम महिलाओं की लोकगीतों से जुड़ी कहानियाँ

    Indian SamacharBy Indian SamacharDecember 1, 20252 Mins Read
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    प्रसिद्ध लोक गायिका मालनी अवस्थी की चौथी पुस्तक ‘चंदन किवाड़’ का रविवार को नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में विमोचन हुआ। यह पुस्तक लोकसंगीत की गहराइयों और उन साधारण महिलाओं की कहानियों को उजागर करती है, जिनके जीवन से ये गीत जुड़े हैं। अवस्थी, जो पिछले एक दशक से एक प्रतिष्ठित स्तंभकार भी रही हैं, ने पुस्तक को पूरा करने में दो साल से अधिक का समय लगाया।

    ‘चंदन किवाड़’ के पीछे की प्रेरणा बताते हुए, मालनी अवस्थी ने कहा कि इसका उद्देश्य लोकगीतों की उत्पत्ति, उनके रचनाकारों और सदियों से चले आ रहे उनके गायन के तरीके को समझना है। पुस्तक के कवर पर ‘गुइयां दरवज्जा में ठाड़ी रहूं’ जैसी पंक्ति को शामिल करने पर उन्होंने जोर दिया कि संगीत उनके लेखन का अभिन्न अंग है, और यह पंक्ति बनारस की एक पारंपरिक ठुमरी का हिस्सा है।

    अवस्थी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ‘चंदन किवाड़’ में मां जैसी साधारण महिलाओं के जीवन के पहलुओं को दर्शाया गया है, जो पढ़ते-लिखते, सिलाई करते और लोकगीत गाते हुए अपने जीवन को जीती हैं। यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत को गहराई से जानना चाहते हैं। ४० वर्षों से अधिक के अपने मंच अनुभव के दौरान, अवस्थी ने महसूस किया कि कई गीतों के पात्र उनके लिए जीवंत हो गए हैं।

    पुस्तक के एक विशेष खंड में ‘मत जा मत जा जोगी’ जैसे प्रसिद्ध गीत की चर्चा है, जो ‘राग भैरवी’ पर आधारित है। मालनी अवस्थी ने इसमें जोगियों की परंपरा, नाथ संप्रदाय और गुरु गोरखनाथ के प्रभाव का भी गहन विश्लेषण किया है। उन्होंने अमीर खुसरो की रचना ‘काहे को ब्याही बिदेश ओ लखिया बाबुल मोरे’ का भी उल्लेख किया, जो पिता के घर से बेटी की विदाई के मार्मिक भाव को व्यक्त करती है।

    कुल २७ अध्यायों वाली ‘चंदन किवाड़’ मालनी अवस्थी की संगीत, साहित्य और अकादमिक रुचि का एक अनूठा संगम है। वह कहती हैं कि अनमोल लोकगीतों में हर पीढ़ी अपनी भावनाओं और अनुभवों को प्रतिबिंबित पाती है।

    Banaras Book Release Chandan Kiwad Cultural Heritage Folk Songs Indian Literature Indian Music Malini Awasthi Thumri Women's Stories
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