Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    निसांका के शतक से श्रीलंका की सुपर 8 में एंट्री, खिलाड़ी खुश

    February 17, 2026

    बिश्नोई गैंग का जेल से रोहित शेट्टी पर हमला, सनसनीखेज प्लानिंग आई सामने

    February 17, 2026

    वैशाली बीडीओ की दबंगई: कार टच हुई तो युवक को पीटा, पैर पकड़े गिड़गिड़ाया

    February 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    • World
    • India
      • Chhattisgarh
      • Jharkhand
      • Madhya Pradesh
      • Bihar
    • Entertainment
    • Tech
    • Business
    • Health
    • Articles
    • Sports
    Indian Samachar
    Home»India»करतारपुर कॉरिडोर: गुरु पर्व की 6वीं वर्षगांठ पर क्यों बंद है आस्था का मार्ग?
    India

    करतारपुर कॉरिडोर: गुरु पर्व की 6वीं वर्षगांठ पर क्यों बंद है आस्था का मार्ग?

    Indian SamacharBy Indian SamacharNovember 9, 20253 Mins Read
    Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    करतारपुर कॉरिडोर, जो भारत और पाकिस्तान के बीच आस्था और एकता का एक जीवंत सेतु बनकर उभरा था, आज अपनी छठी वर्षगांठ पर बंद है। 9 नवंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खोले गए इस गलियारे ने गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर लाखों सिखों को खुशी दी थी। लेकिन मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सुरक्षा कारणों से इसके परिचालन को अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

    हालांकि, कॉरिडोर के द्विपक्षीय समझौते को 2029 तक बढ़ाया गया है, पर श्रद्धालुओं के लिए यह कब खुलेगा, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।

    आस्था और शांति का प्रतीक
    इस कॉरिडोर का खुलना लाखों सिख श्रद्धालुओं के लिए एक बड़े सपने का सच होना था। यह उन्हें बिना वीज़ा के पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने की सुविधा देता था। यह पवित्र स्थल, जहाँ गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताए, भारत-पाकिस्तान सीमा से बस कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस गलियारे का दौरा किया, जिसने इसे शांति और सद्भावना का प्रतीक बनाया। यह ‘सेवाद्वार’ और ‘शांति-पथ’ के रूप में उभरा, जिसने धार्मिक मूल्यों को राजनीतिक सीमाओं से ऊपर रखा।

    ऐतिहासिक विभाजन और जुड़ाव की कहानी
    करतारपुर गलियारे का विचार 1947 के विभाजन से उपजा, जब गुरुद्वारा दरबार साहिब पाकिस्तान की सीमा में चला गया, जबकि भारत में डेरा बाबा नानक रह गया। दशकों तक, श्रद्धालु सीमा के भारतीय छोर से ही मात्र दूर से दर्शन कर पाते थे।

    1999 में, गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर, दोनों देशों के बीच इस संबंध को फिर से जोड़ने की चर्चाएँ शुरू हुईं। दो दशक की कूटनीतिक प्रयासों के बाद, यह महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हुई।

    वैश्विक मंच पर पहचान
    करतारपुर कॉरिडोर की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई। फरवरी 2020 में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे ‘आशा का गलियारा’ कहा और इसे शांति स्थापित करने में धर्म की भूमिका का उदाहरण बताया।

    कॉरिडोर के खुलने के बाद से लेकर महामारी के आगमन तक, हज़ारों श्रद्धालु प्रतिदिन यहाँ से गुज़रे। कई लोगों के लिए, यह वह पल था जब वे बिना किसी वीज़ा की बाधा के सीधे अपने पवित्र स्थल के दर्शन कर सके, जिससे अपार हर्ष का अनुभव हुआ।

    अनिश्चित भविष्य
    मई 2025 के बाद से कॉरिडोर का बंद रहना श्रद्धालुओं के लिए निराशाजनक है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण लगे प्रतिबंध ने फिर से वीज़ा और अटारी-वाघा सीमा जैसे पुराने अवरोधों को खड़ा कर दिया है।

    हालाँकि दोनों देशों के बीच सहयोग का ढाँचा बना हुआ है, फिर भी इस पवित्र तीर्थयात्रा का पुनःआरंभ कब होगा, यह एक अनसुलझा प्रश्न है।

    एक पुल जो खुलने का इंतज़ार कर रहा है
    करतारपुर कॉरिडोर आज भी सिख समुदाय के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है। यह विश्वास का प्रतीक है कि आस्था राजनीतिक दूरियों को पाट सकती है। यह मात्र एक कंक्रीट का ढाँचा नहीं, बल्कि इतिहास द्वारा विभाजित दिलों को जोड़ने वाली एक आध्यात्मिक नस है।

    जैसे-जैसे दुनिया इसके उद्घाटन के छह साल मना रही है, यह उम्मीद बनी हुई है कि ‘आशा का गलियारा’ जल्द ही फिर से खुलेगा और श्रद्धालुओं को गुरु नानक देव जी द्वारा परिकल्पित इस पवित्र पथ पर स्वतंत्र रूप से चलने की अनुमति देगा।

    Cross-border Unity Guru Nanak Dev Ji India-Pakistan Relations Kartarpur Corridor Peace Corridor Religious Tourism Sikh Heritage Sikh Pilgrimage Spiritual Bonds Visa-free Access
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    India

    वैशाली: होटल रेड में महिलाओं का उद्धार, अपराधियों पर शिकंजा

    February 17, 2026
    India

    कांग्रेस का ओडिशा सरकार पर बजट सत्र में जबरदस्त हमला तय

    February 16, 2026
    India

    योगी सरकार की नीतियों से यूपी अर्थव्यवस्था दोगुनी: परिषद में प्रस्तुत

    February 16, 2026
    India

    आरएस पुरा ऑब्जर्वेशन होम ब्रेकआउट: पाकिस्तानी कैदी सहित 3 भागे

    February 16, 2026
    India

    बिहार खगड़िया: सड़क दुर्घटनाओं में 5 की मौत, हाईवे जाम

    February 16, 2026
    India

    कांग्रेस का गुजरात में बड़ा प्रदर्शन: मनरेगा बचाओ, बजट सत्र से पहले धमाका

    February 16, 2026
    -Advertisement-
    © 2026 Indian Samachar. All Rights Reserved.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.