आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ अपनी पैनी नजर रखते हुए, काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने श्रीनगर सेंट्रल जेल और कुपवाड़ा जिला जेल में मंगलवार को गहन तलाशी अभियान शुरू किया। यह तलाशी विशेष रूप से आतंकी संपर्कों और जेल के भीतर डिजिटल उपकरणों के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए की गई है। CIK का लक्ष्य उन तरीकों का पर्दाफाश करना है जिनसे कैदी सीमा पार बैठे अपने आकाओं से संवाद करते हैं और आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए निर्देश प्राप्त करते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन जेलों में डिजिटल उपकरणों के प्रयोग की सूचना CIK को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य न केवल वर्तमान में सक्रिय आतंकी लिंक का पता लगाना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसे संचार उपकरणों का जेलों में प्रवेश रोका जा सके।
CIK उन अधिकारियों या कर्मचारियों की भी जांच करेगा, जिन्होंने कथित तौर पर इन उपकरणों को जेल में लाने में सहायता की। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के समर्थन ढांचे को कमजोर करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष जांच इकाई (SIA) भी शामिल हैं। इससे पहले भी CIK ने अनंतनाग और राजौरी की जेलों में इसी तरह की कार्रवाई की है।
