Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    जीवन सुधारने वाले समाधान दें एआई, तभी सफल होगा: एस. कृष्णन

    February 17, 2026

    हार्वर्ड में प्रियंका चोपड़ा का इमोशनल स्पीच: ‘तुम हो सपनों का भारत’

    February 17, 2026

    नौसेना का नया निस्तार: गाजी डूबने वाली जगह पर 2026 आईएफआर

    February 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    • World
    • India
      • Chhattisgarh
      • Jharkhand
      • Madhya Pradesh
      • Bihar
    • Entertainment
    • Tech
    • Business
    • Health
    • Articles
    • Sports
    Indian Samachar
    Home»India»विपक्षी दलों के विरोध के बीच, कांग्रेस पीएम-सीएम बिलों पर बनी संसदीय समिति से अलग हो सकती है
    India

    विपक्षी दलों के विरोध के बीच, कांग्रेस पीएम-सीएम बिलों पर बनी संसदीय समिति से अलग हो सकती है

    Indian SamacharBy Indian SamacharSeptember 29, 20253 Mins Read
    Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने वाले बिल का विरोध कर रही है. इस बीच, ऐसी खबरें हैं कि पार्टी इस मुद्दे पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति से किनारा कर सकती है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपने फैसले से अवगत करा सकती है.

    मुख्य विपक्षी दल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस उन तीन विवादास्पद बिलों पर विचार करने वाली संसदीय समिति से अलग हो सकती है, जिनमें गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन तक गिरफ्तार रहने के बाद पीएम, सीएम और मंत्रियों को पद से हटाने का प्रस्ताव है. पार्टी जल्द ही इस बारे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को जानकारी देगी.

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बीते शनिवार को कहा था कि किसी भी राजनीतिक दल ने उन्हें तीन बिलों पर विचार के लिए बनी संसदीय समिति का बहिष्कार करने के बारे में कोई पत्र नहीं लिखा है. अब खबर है कि कांग्रेस विरोध के कारण इस समिति से दूर रह सकती है.

    कांग्रेस से पहले, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और आम आदमी पार्टी सहित चार पार्टियों ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे समिति का हिस्सा नहीं होंगी. समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने भी इस समिति से दूरी बनाने के संकेत दिए हैं.

    मानसून सत्र के अंतिम दिन, गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए थे: केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक, संविधान (130वां संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक. इन बिलों में प्रावधान है कि अगर पीएम, सीएम या मंत्री किसी गंभीर आरोप में 30 दिन तक गिरफ्तार रहते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा. यदि कोई पीएम, सीएम या मंत्री गंभीर अपराध (जिसमें कम से कम 5 साल की सजा का प्रावधान हो) में 30 दिन जेल में रहता है, तो 31वें दिन उसका पद स्वतः ही समाप्त हो जाएगा. हालांकि, रिहाई के बाद उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त किया जा सकता है.

    अमित शाह ने कहा था कि यह जरूरी है ताकि जेल से सरकार न चलाई जा सके. बिल पेश करते समय, गृह मंत्री ने खुद इसे संयुक्त संसदीय समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा था. समिति को शीतकालीन सत्र में अपनी रिपोर्ट देनी है, लेकिन अभी तक इसका गठन नहीं हो पाया है.

    कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने इन बिलों का कड़ा विरोध किया था. बिल पर सदन में भी जमकर हंगामा हुआ था. विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि यह प्रस्ताव असंवैधानिक है और राज्यों में विपक्षी नेताओं को कमजोर करने के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. विरोध के बीच इन बिलों को संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया था. इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे, लेकिन अभी तक इसका गठन नहीं हो पाया है.

    Amit Shah Arrest Bills CM Congress Party Controversy Om Birla Opposition Parliamentary Committee PM
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    India

    नौसेना का नया निस्तार: गाजी डूबने वाली जगह पर 2026 आईएफआर

    February 17, 2026
    India

    उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य क्रांति: प्राथमिक ढांचे से उभरा उत्तम राज्य

    February 17, 2026
    India

    सर्वम एआई के को-फाउंडर ने सराहा मोदी का भारत-केंद्रित एआई विजन

    February 17, 2026
    India

    18 फरवरी से झारखंड बजट सत्र, सर्वदलीय बैठक में स्पीकर ने मांगा साथ

    February 17, 2026
    India

    चाय जनजातियों को असम में उच्च सरकारी नौकरियों पर 3% कोटा

    February 17, 2026
    India

    2026-27 तक TN का बकाया कर्ज 10.71 लाख करोड़: अंतरिम बजट में खुलासा

    February 17, 2026
    -Advertisement-
    © 2026 Indian Samachar. All Rights Reserved.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.