लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा पर गृह मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार लद्दाख के मुद्दों को लेकर चिंतित है और समाधान के लिए प्रयासरत है। मंत्रालय ने बताया कि लेह शीर्ष निकाय और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ बातचीत जारी है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण में वृद्धि, परिषदों में महिलाओं के लिए आरक्षण और स्थानीय भाषाओं को आधिकारिक मान्यता देना शामिल है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ राजनीतिक तत्व इस संवाद को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। सोनम वांगचुक के नेतृत्व में हुई भूख हड़ताल और उनके बयानों को लेकर भी मंत्रालय ने अपनी चिंता व्यक्त की है। 24 सितंबर को वांगचुक के भाषण के बाद हुई हिंसा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पुलिसकर्मियों को चोटें आई। गृह मंत्रालय ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और सरकार लद्दाख के लोगों की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने लोगों से सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा न करने का आग्रह किया है।
Trending
- जापान में भूकंप: नोडा तट पर 6.0 की तीव्रता, सुनामी का खतरा नहीं
- अमेरिकी रिपोर्ट: 2026 में भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाक में युद्ध की आशंका
- भारत-बांग्लादेश जल संधि: फरक्का समझौते की अहमियत और भविष्य पर बहस
- नए साल का तोहफा: IGL ने PNG ₹0.70/SCM सस्ता किया
- आतंकवाद से भड़केगा भारत-पाकिस्तान युद्ध? 2026 की चिंताजनक भविष्यवाणी
- जेपी जेल से तीन कैदियों का फरार होना, झारखंड में सुरक्षा पर सवाल
- 14,100 लोगों पर आरपीएफ का शिकंजा: रेल सुरक्षा में अभूतपूर्व कार्रवाई
- दिल्ली-NCR कोहरे की चपेट में: उड़ानों और ट्रेनों का संचालन ठप, यात्री परेशान
