2025 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन NALSA द्वारा किया गया, जिसमें 29 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में मामले सुलझाए गए। इन अदालतों में विवादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार किया गया, जिनमें मुकदमे से पूर्व और लंबित मामले शामिल थे। इन अदालतों का नेतृत्व भारत के मुख्य न्यायाधीश और NALSA के मुख्य संरक्षक, न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं NALSA के कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 2,42,55,036 मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें 2,10,44,809 मुकदमे-पूर्व मामले और 32,10,227 लंबित मामले शामिल थे, जिनका निपटान मूल्य 7,817.62 करोड़ रुपए से अधिक है। यह पहल न्याय और नागरिकों के बीच की खाई को पाटने के लिए NALSA के मिशन को मजबूत करती है।
Trending
- जापान में भूकंप: नोडा तट पर 6.0 की तीव्रता, सुनामी का खतरा नहीं
- अमेरिकी रिपोर्ट: 2026 में भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाक में युद्ध की आशंका
- भारत-बांग्लादेश जल संधि: फरक्का समझौते की अहमियत और भविष्य पर बहस
- नए साल का तोहफा: IGL ने PNG ₹0.70/SCM सस्ता किया
- आतंकवाद से भड़केगा भारत-पाकिस्तान युद्ध? 2026 की चिंताजनक भविष्यवाणी
- जेपी जेल से तीन कैदियों का फरार होना, झारखंड में सुरक्षा पर सवाल
- 14,100 लोगों पर आरपीएफ का शिकंजा: रेल सुरक्षा में अभूतपूर्व कार्रवाई
- दिल्ली-NCR कोहरे की चपेट में: उड़ानों और ट्रेनों का संचालन ठप, यात्री परेशान
