Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    विप्रो नेता का दावा: एआई से नौकरी बाजार में बड़ा उछाल, 70 लाख अतिरिक्त मौके

    February 16, 2026

    जीतू पटवारी का बड़ा ऐलान: एमपी कांग्रेस में टैलेंट हंट शुरू

    February 16, 2026

    2026 एआई समिट में भारतीय स्टार्टअप्स का एआई गेमिंग जादू देखने को मिलेगा

    February 16, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    • World
    • India
      • Chhattisgarh
      • Jharkhand
      • Madhya Pradesh
      • Bihar
    • Entertainment
    • Tech
    • Business
    • Health
    • Articles
    • Sports
    Indian Samachar
    Home»India»सिर्फ पहचान पत्र काफी नहीं: भारत में नागरिकता साबित करने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
    India

    सिर्फ पहचान पत्र काफी नहीं: भारत में नागरिकता साबित करने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

    Indian SamacharBy Indian SamacharAugust 13, 20254 Mins Read
    Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    यदि आप यह मानकर चल रहे हैं कि आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी भारत में आपकी नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त हैं, तो आप गलत हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि केवल इन दस्तावेजों के आधार पर किसी को भारत का नागरिक नहीं माना जा सकता। ये दस्तावेज़ पहचान और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए हैं, लेकिन नागरिकता अधिनियम के अनुसार, नागरिकता के लिए कुछ और ज़रूरी चीज़ें भी हैं।

    हाई कोर्ट ने यह आदेश ठाणे के एक निवासी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। उस व्यक्ति ने कोर्ट को बताया कि उसके पास आधार, पैन, पासपोर्ट और वोटर आईडी हैं। उसके दस्तावेज़ आयकर रिकॉर्ड, बैंक खातों, उपयोगिताओं और व्यावसायिक पंजीकरण से जुड़े थे। जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ये दस्तावेज़ पहचान के लिए हैं, लेकिन नागरिकता अधिनियम में दी गई ज़रूरी शर्तों को पूरा नहीं करते। यह मामला इसलिए भी खास था क्योंकि पुलिस का आरोप था कि वह व्यक्ति बांग्लादेशी नागरिक है और 2013 से ठाणे में रह रहा है।

    इस फैसले के बाद सवाल उठता है कि भारत की नागरिकता साबित करने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।

    जन्म प्रमाण पत्र: यह एक ज़रूरी दस्तावेज़ है जो बच्चे के जन्म के बाद जारी किया जाता है। इसमें जन्म स्थान का विवरण होता है। 1969 के जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत जारी यह दस्तावेज़ नागरिकता का एक मान्य प्रमाण है।

    10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट: जन्म प्रमाण पत्र के अलावा, 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट भी नागरिकता के प्रमाण के रूप में मान्य हैं।

    इसके अतिरिक्त, डोमिसाइल सर्टिफिकेट भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है, जो राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है। यह राज्य में निवास का प्रमाण है और नागरिकता के दावे को समर्थन देता है।

    कुछ मामलों में, सरकार द्वारा जारी भूमि आवंटन प्रमाण पत्र या पेंशन आदेश जैसे दस्तावेज़ों को भी नागरिकता के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर अगर वे 1987 से पहले के हैं।

    इन मामलों में पहचान पत्र पर्याप्त नहीं हैं

    कोर्ट के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति पर विदेशी मूल का होने या जाली दस्तावेज़ों का उपयोग करने का आरोप है, तो नागरिकता तय करने के लिए केवल पहचान पत्रों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। इस मुद्दे की नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत कड़ी जांच की जानी चाहिए।

    भारत की नागरिकता कैसे प्राप्त करें?

    भारत की नागरिकता 4 तरीकों से मिल सकती है: जन्म, वंश, पंजीकरण और देशीयकरण।

    जन्म से नागरिकता:

    26 जनवरी, 1950 को या उसके बाद, लेकिन 1 जुलाई, 1987 से पहले भारत में जन्मा कोई भी व्यक्ति, चाहे उसके माता-पिता की राष्ट्रीयता कुछ भी हो, भारतीय नागरिक माना जाएगा।

    1 जुलाई, 1987 के बाद और 3 दिसंबर, 2004 से पहले भारत में जन्मा व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाएगा, यदि उसके माता या पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है।

    3 दिसंबर, 2004 के बाद भारत में जन्मा व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाएगा, यदि उसके माता या पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और दूसरा अवैध प्रवासी नहीं है।

    वंश से नागरिकता:

    यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत के बाहर हुआ है, लेकिन उसके माता या पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है, तो उसे भारतीय नागरिकता मिल सकती है।

    पंजीकरण द्वारा नागरिकता:

    भारतीय मूल का व्यक्ति जो कम से कम सात साल से भारत में रह रहा है, वह पंजीकरण द्वारा भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है। भारतीय नागरिक से विवाहित व्यक्ति जो कम से कम सात साल से भारत में रह रहा है, वह भी पंजीकरण द्वारा नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है।

    देशीकरण द्वारा नागरिकता:

    कोई भी व्यक्ति जो 12 साल से भारत में रह रहा है और नागरिकता अधिनियम, 1955 की तीसरी अनुसूची में निर्धारित शर्तों को पूरा करता है, वह देशीयकरण द्वारा नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है।

    नागरिकता प्राप्त करने के लिए, किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 में निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा करना होगा और ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा।

    Aadhar Card Birth Certificate Bombay High Court Citizenship Citizenship Act Documents Domicile Certificate India PAN Card Voter ID
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    India

    जीतू पटवारी का बड़ा ऐलान: एमपी कांग्रेस में टैलेंट हंट शुरू

    February 16, 2026
    India

    17 फरवरी को सीबीएसई 10वीं-12वीं परीक्षा शुरुआत: नियम और सावधानियां

    February 16, 2026
    India

    दिल्ली एआई समिट 2026: विश्व नेता एकजुट, 500 एआई लीडर्स सम्मिलित

    February 16, 2026
    India

    अय्यर का बयानबाजी: ‘ब्राह्मणवाद-ठाकुरवाद खत्म हो’, हिंदुत्व पर तंज

    February 16, 2026
    India

    एसएडी ने आप को सरकारी धन से रैली चलाने का दोषी ठहराया

    February 16, 2026
    India

    पराली जलाने पर 2026 से सख्ती: सीएक्यूएम के राज्यों को निर्देश

    February 16, 2026
    -Advertisement-
    © 2026 Indian Samachar. All Rights Reserved.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.