प्राचीन काल से चली आ रही अमृतधारा आज भी स्वास्थ्य समस्याओं की दुश्मन बनी हुई है। कपूर सत्व, पुदीना सत्व और अजवाइन सत्व से युक्त यह मिश्रण सिरदर्द, उबाल, बेचैनी और पाचन विकारों को जड़ से मिटाता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव से माइग्रेन आम हो गया है। अमृतधारा की कुछ बूंदें माथे पर लगाने से दर्द गायब। मतली या हार्टबीट अनियमित होने पर भी असरदार। हर आयु वर्ग के लिए सुरक्षित।
इन तीन तत्वों का संयोग चिकित्सकीय गुण उत्पन्न करता है। ठंडक पहुंचाकर सूजन कम करता है। दांत दर्द में रुई भिगोकर लगाएं, बदबू के लिए पानी में घोल कुल्ला करें। बनाना आसान: शीशी में मिलाकर झंकृत करें।
उड़नशील होने से लीकेज रोकें। संवेदनशील भागों से परहेज। संवेदनशील त्वचा वाले डॉक्टर से पूछें। गर्भस्थ स्थिति में सावधानी बरतें।
यह पारंपरिक नुस्खा रसायनों पर निर्भरता घटाता है। घर में रखें और स्वास्थ्य रक्षा करें।