जीवनशैली के बदलावों ने खान-पान और स्किनकेयर को प्रभावित किया है। चेहरे पर झुर्रियां, डार्क सर्कल्स और फीकी त्वचा इसके प्रमाण हैं। समय से पहले बूढ़ा दिखना आजकल आम शिकायत है।
महंगी क्रीमों से बेहतर है पर्याप्त नींद। सोते समय शरीर खुद को ठीक करता है, त्वचा की कोशिकाएं नई होती हैं और चेहरा निखर उठता है। इसे ही ब्यूटी स्लीप कहते हैं। आयुर्वेद नींद को बल, पुष्टि, ज्ञान और आनंद का स्रोत मानता है।
नींद न आने पर दवाओं की बजाय प्राकृतिक तरीके अपनाएं। पैरों के तलवों पर मालिश से स्ट्रेस कम होता है, जो गहरी नींद लाता है। दूध में कच्ची हल्दी या जायफल डालकर पिएं।
सोने से पहले मोबाइल-टीवी बंद करें, वातावरण शांत रखें। धीमी सांसें लें। नियमित रूप से इनका पालन करने से त्वचा में नई जान आएगी और झुर्रियां दूर रहेंगी। नींद ही युवावस्था की कुंजी है।