कई लोगों को बिस्तर पर लेटते ही पैरों में अजीब सी हलचल महसूस होती है—झनझनाहट, खुजली या बेचैनी। पैर हिलाने से क्षणिक आराम मिलता है, लेकिन रुकते ही फिर वही तकलीफ। यह रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम है, जो नींद के दुश्मन के रूप में उभर रहा है।
विज्ञान बताता है कि डोपामाइन नामक मस्तिष्क रसायन का असंतुलन जिम्मेदार। यह मसल्स को कंट्रोल करता है; कमी से अनचाही हलचल शुरू हो जाती है। पार्किंसन से इसका लिंक है, लेकिन यह स्वतंत्र बीमारी है।
आयरन की भारी कमी भी वजह बनती है। यह डोपामाइन के निर्माण में मददगार। गर्भवती महिलाओं में अस्थायी उछाल आम। खराब डाइट या पुरानी बीमारियां खतरा बढ़ाती हैं।
शुरुआत हल्की होती है, धीरे-धीरे तीव्र। शाम या रात में चरम पर। आराम की मुद्रा में लक्षण भड़कते हैं, गतिविधि से शांत। नींद की कमी से थकान, गुस्सा और भूलने की आदत पड़ जाती है।
निदान सरल—लक्षण पूछताछ और आयरन टेस्ट। इलाज में लाइफस्टाइल चेंजेस: योग, मालिश, अल्कोहल-कैफीन बंद। जरूरत पड़े तो दवाइयां।
आरएलएस को नजरअंदाज न करें। डॉक्टर की सलाह से इसे काबू करें और गहरी नींद का मजा लें।