गर्भधारण का दौर मां के लिए चुनौतियों और सुखों से भरा होता है। इस समय सेब, अनार, संतरा व केले का नियमित सेवन मां को ताकत देता है और शिशु के विकास को मजबूत आधार प्रदान करता है। ये फल प्राकृतिक पोषक तत्वों के खजाने हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के मुताबिक, फल-आधारित आहार गर्भावस्था की जटिलताओं को कम करता है। इनमें मौजूद तत्व शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
सेब एंटीऑक्सीडेंट से लैस है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। फाइबर कब्ज दूर भगाता है और पेट साफ रखता है।
अनार रक्त संचार सुधारता है और एनीमिया से बचाता है। यह ऊर्जा स्तर बनाए रखता है और शिशु की वृद्धि में मदद करता है।
संतरा हाइड्रेशन बनाए रखता है और क्रेविंग्स पर काबू पाता है। विटामिन सी आयरन अवशोषण को आसान बनाता है।
केला थकान भगाता है और ब्लड प्रेशर संतुलित रखता है। विटामिन बी6 मूड स्विंग्स नियंत्रित करता है।
इनका संतुलित उपयोग चिकित्सक निर्देशानुसार करें। स्वस्थ गर्भावस्था के लिए ये फल आदर्श हैं।