बाहरी सौंदर्य क्षणिक है, असली निखार अंदरूनी स्वास्थ्य से आता है। योग और पौष्टिक आहार से रोग-मुक्त शरीर चेहरे पर स्वस्थ तेज लाता है। योग संस्थान के जानकारों का कहना है कि सर्वांगासन जैसा आसन चमत्कारी लाभ देता है, इसे आसनों की जननी माना जाता है।
सभी अंगों को लाभ पहुंचाने वाला यह आसन हार्मोनल असंतुलन दूर करता है, भोजन पाचन को सरल बनाता है, मानसिक तनाव घटाता है। प्रातःकाल या सांध्यकाल उपयुक्त।
करने का तरीका: सपाट लेटें, पैरों को सीधा ऊपर करें, हथेलियों से पीठ थामें। ठोड़ी नीचे दबाएं। कंधे-गर्दन मजबूत होती हैं।
आयुष के अनुसार, थायरॉइड-पैराथायरॉइड उत्तेजित होकर चयापचय तीव्र। रक्त संचार, पाचन, कशेरुका लचक, ध्यान केंद्रित और चिंता ह्रास। स्त्रियों के लिए अनियमित पीरियड्स में वरदान, इम्यूनिटी बूस्ट, त्वचा कोमल, अवसाद मुक्ति। हृदय रोगों से सुरक्षा।
गंभीर स्थिति में योग गुरु से परामर्श जरूरी। नियमित सर्वांगासन अपनाएं।