श्रीकाकुलम में डायरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। एक मौत और सैकड़ों प्रभावित होने से आंध्र सरकार ने नगर आयुक्त कुर्मा राव को तत्काल निलंबित कर दिया। लापरवाही के आरोपों ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया।
प्रधान सचिव सुरेश कुमार के आदेश से निलंबन प्रभावी हुआ। शहर के कई हिस्सों में मामले बढ़े, जिससे हड़कंप मच गया।
कलेक्टर स्वप्निल पुंडकर ने बताया कि 76 मामले पकड़े गए, 54 का इलाज चल रहा। एक मरीज की जान गई, जो पहले से बीमार था। दो गंभीर वेंटिलेटर पर हैं।
पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए। श्रीकाकुलम लैब की रिपोर्ट साफ आई, विशाखा का परिणाम बाकी। स्वास्थ्य टीमों ने कैंप सजाए और निजी इलाज का बोझ सरकार लेगी।
वाईएसआरसीपी के पूर्व मंत्री धरमाना कृष्ण दास, प्रसाद राव व डॉ. अप्पाला राजू ने जायजा लिया। दूषित जल को जिम्मेदार ठहराया, चार मौतों का ऐलान किया।
प्रसाद राव ने 20 माह के 61 केसों से नाकामी का पर्दाफाश किया, स्कूल-हॉस्टल तक फैले। 25 लाख मुआवजा व त्वरित सहायता मांगी। राजू ने चेतावनियों को ठुकराने का ताना कसा।
उच्च जांच, अधिकारियों पर कार्रवाई व जल सुरक्षा की मांग तेज। श्रीकाकुलम की यह त्रासदी राज्यव्यापी सबक है, जहां स्वच्छता व सतर्कता सर्वोपरि होनी चाहिए।