कर्नाटक भाजपा प्रमुख बीवाई विजयेंद्र ने बुधवार को बेंगलुरु में सिद्धारमैया सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र की बर्बादी का जिम्मेदार बताया। दवाओं की जमकर खरीद में अनियमितताओं से सरकारी अस्पताल दवाहीन हो गए हैं, गरीब मरीज परेशान हैं।
मेडिकल कॉलेजों में दवाओं की भारी किल्लत के पीछे मंत्रीगण और एक मंगलुरु निवासी वहाब खान का हाथ है, विजयेंद्र ने आरोप लगाया। खरीद सिस्टम उसके कंट्रोल में चला गया, कॉन्ट्रैक्ट बांटकर भ्रष्टाचार बढ़ाया जा रहा है। 15-20% कमीशन की भूख से कंपनियां टेंडर से कतरा रही हैं, दवाएं तीन गुना महंगी पड़ रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया कि एक व्यक्ति को सारे टेंडर क्यों?
108 एम्बुलेंस कर्मियों को नौ महीने से सैलरी नहीं, विरोध तेज। डॉक्टर भी सड़कों पर हैं। जन औषधि केंद्रों को मोदी विरोध में बंद करने की कोशिश हो रही है। 143 करोड़ का बकाया न चुकाने से डायग्नोस्टिक सेवाएं बंद, गर्भवती महिलाओं को खतरा।
बिचौलियों को बचाने वाली सरकार उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रही है, जनता की तकलीफ भूल गई। सिद्धारमैया को 16 बजट के अनुभव से काम लेना चाहिए। झूठी राजनीति बंद कर जिम्मेदारी निभाएं, केंद्र या पुरानी भाजपा सरकार को न कोसें। स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाएं।