भागमभाग वाली जिन्दगी ने पीठ, गर्दन दर्द और पेट की खराबी को आम बना दिया है। योग के इस चमत्कारी आसन तिर्यक भुजंगासन से इनसे निजात पाएं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा इसे शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम बताता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पौष्टिक भोजन संग इस आसन से स्वास्थ्यलाभ हो। पेट के बल होने से नौसिखियों के लिए आसान।
यह रीढ़ को सुगम बनाता है, दर्द मिटाता है, फेफड़े मजबूत करता है, लीवर-पाचन को ठीक रखता है। कंधों को रिलैक्स कर माहवारी समस्याओं को दूर भगाता है। तनाव कम कर पेट की चर्बी घटाता है।
विधि सरल: प्रोन लेटें, पैर थोड़े अलग। हांथ कंधे के पास, कुहनी चिपकाईं। सांस भर छाती उठाएं, कमर नीचे दबी। सांस बाहर दाएं घुमें, बाएं पैर को दाएं कंधे पर नजर आए। सहज रहें, सांस нормल। केंद्रित हो बाएं दोहराएं।
पीठ की गंभीर समस्या, हर्निया या पेट ऑपरेशन बाद न करें। नियमितता से पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करें। अभी शुरू करें।