राजमुंदरी में जहरीले दूध ने चार लोगों की जान ले ली, जबकि सात अभी भी मौत से जूझ रहे हैं। आयुक्त वीरापांडियन के अनुसार, 15 मरीज भर्ती हैं—दो बच्चे सहित, जिसमें पांच महीने का शावक भी।
तीन वेंटिलेटर पर, दो डायलिसिस पर, तीनों संयुक्त सहायता पर। नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह से दुर्लभ दवाएं अन्य शहरों से मगवाई जा रही हैं।
पुलिस जांच में कूलेंट लीक से एथिलीन ग्लाइकॉल दूध में घुलने का पता चला। यूरिया ट्रेस नगण्य, लेकिन ग्लाइकॉल का तत्काल प्रभाव घातक। 16 फरवरी का स्टॉक संदिग्ध।
315 सैंपल टेस्ट में तीन प्रभावित—अब स्थिर। एक माह की मॉनिटरिंग व्यवस्था। दुग्ध उत्पादों के सैंपल लैब जा पहुंचे, रिपोर्ट जल्द।
विक्रेता हिरासत में, जांच गहन। राज्य में कल से व्यापक निरीक्षण व नमूने संग्रह। दूध सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता बनी हुई है।