आधुनिक युग की तेजी ने लोगों को तनावग्रस्त बना दिया है। इससे आंखों की कमजोरी और मानसिक सुस्ती बढ़ रही है। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि त्राटक क्रिया अपनाएं, जो दृष्टि और बुद्धि दोनों को निखारती है।
यह शुद्धिकरण क्रिया बिना झपकाए किसी वस्तु या लौ पर एकटक देखने की कला है। प्राचीन काल से चली आ रही यह विधि अद्भुत परिणाम देती है।
आंखों पर इसका जादू देखिए—रोशनी बढ़ती है, मांसपेशियां उतनी होती हैं। रोजाना करने से आंखों के रोग दूर रहते हैं तथा वे आकर्षक हो जाती हैं।
दिमागी फायदा कमाल का है। एकाग्रता बढ़ती है, याददाश्त पक्की होती है। चंचल मन स्थिर हो जाता है तथा विचारों की स्पष्टता आ जाती है।
आत्मिक स्तर पर त्राटक ज्योति जागृत करती है। आत्मबल मजबूत होता है, निर्णय क्षमता निखरती है। आज्ञाचक्र जागने से भविष्यदृष्टि मिलती है।
सकारात्मकता का संचार होता है, विषाक्त ऊर्जा नष्ट हो जाती है। मन शांत होकर आनंदित महसूस करता है।
कैसे करें? शाम के समय शांत कमरे में बैठें। मोमबत्ती की लौ पर निहारें। थोड़ी देर बाद विश्राम लें। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
यह आसान क्रिया स्वास्थ्य का खजाना खोल देगी। आंखों की रौनक और दिमाग की धार दोनों पाएं, त्राटक से बेहतर कोई उपाय नहीं।