मार्च नजदीक आते ही गर्म हवाएं जोर पकड़ रही हैं। इस मौसम में वात-पित्त संतुलित रखने के लिए बेल फल आदर्श है। शिव भक्तों का प्रिय यह फल औषधीय गुणों का भंडार है, जो फल, पत्ती, जड़ सबमें विद्यमान हैं।
आयुर्वेदिक नुस्खों में बेल भूख बढ़ाने, पाचन सुधारने, आंतों के रोग नष्ट करने और ताकत देने वाला माना जाता है। इसके प्राकृतिक तत्व सूजन घटाते हैं, संक्रमण रोकते हैं और शरीर को शीतल रखते हैं।
सूजन या गर्मीjanित परेशानी? बेल रस असरदार। कब्ज-अल्सर-पेटदर्द में आंतें स्वच्छ करता है। चूर्ण रूप में दस्त नियंत्रित करने में भी लाभदायक।
रक्त शर्करा नियंत्रण के लिए पत्ती अर्क उपयोगी, पर डॉक्टर सलाह जरूरी।
बनाएं स्वादिष्ट शरबत: गूदे को पानी में घोलें, छानकर गुड़-मिश्री मिलाएं। दिन में दो बार पिएं। मधुमेह या गर्भिणी महिलाएं सावधानी बरतें।
परंपरा और विज्ञान का मेल बेल को गर्मी का सबसे अच्छा साथी बनाता है। अपनाएं और स्वस्थ रहें।