‘स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत’ के संकल्प को साकार कर गिर सोमनाथ ने टीबी उन्मूलन में अग्रणी भूमिका निभाई है। गुजरात सरकार का ‘भागीरथ अभियान’ केंद्र प्रायोजित प्रयासों के साथ मिलकर जिले को मॉडल बना रहा है।
टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच कर रही हैं, जिसमें ग्रामीण और जंगली क्षेत्र शामिल हैं। अश्विन भाई झाला ने बताया कि स्वास्थ्य सहाय योजना से आर्थिक बोझ कम होता है, जबकि निक्षय मित्र योजना से प्रसिद्ध व्यक्ति मरीजों का सहारा बन रहे हैं।
जगुभाई मोरी ने सराहना की कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच रहा। समाजसेवी, उद्योगपति और एनजीओ पोषण किट प्रदान कर रहे हैं। मंडल भाई रावलिया ने कहा कि यह दोहरा लाभकारी है।
डॉ. शीतल राम ने जानकारी दी कि फंड तालुका स्तर पर वितरित होते हैं। छह नई जांच मशीनें डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन से लगाई गई हैं, जो 1500 रुपये की जांच मुफ्त कर रही हैं।
गिर सोमनाथ साबित करता है कि मजबूत स्वास्थ्य तंत्र और जन सहभागिता से टीबी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। यह ‘टीबी हारेगा, भारत जीतेगा’ अभियान की सच्ची सफलता की कहानी है।