केरल हाईकोर्ट ने सूरज लामा मामले को नई दिशा दी। सोमवार को कोर्ट ने एसआईटी का प्रमुख अब डीआईजी नियुक्त किया, जो पहले पुलिस आयुक्त के पाले में था। यह संशोधन सरकार के पक्ष से आए अनुरोध पर हुआ।
देवन रामचंद्रन और एमबी स्नेहलथा की खंडपीठ ने 11 फरवरी के आदेश में बदलाव किया। लामा कुवैत से लौटे तो हालत नाजुक थी—मानसिक और शारीरिक कमजोरी साफ दिख रही थी, फिर भी एयरपोर्ट अधिकारियों ने उन्हें अकेले छोड़ दिया।
कोच्चि पहुंचने के बाद वे गायब हो गए। कलामासेरी में शव मिला, जिसकी पहचान फॉरेंसिक रिपोर्ट से पुष्ट हुई। मामला तब गरमाया जब निर्वासितों की देखभाल पर सवाल उठे।
क्या ऐसी दशा में स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल है? अदालत ने चिंता जताई। याचिका बंद करने से साफ इनकार। एसआईटी को आगमन से मृत्यु तक सबकुछ जांचने को कहा, हत्या की संभावना बरकरार।
डीआईजी के नेतृत्व से जांच मजबूत होगी। यह केस एयरपोर्ट प्रबंधन और कमजोर यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। न्याय की उम्मीद बंधी है।