घर-घर में ब्रेड का बोलबाला है, खासकर नाश्ते में। मगर खाली पेट इसे ग्रहण करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञ चेताते हैं कि इससे ब्लड शुगर, वजन और पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है।
कार्ब्स से भरपूर ब्रेड ब्लड शुगर को तेजी से ऊंचा कर देती है, जो मधुमेह रोगियों के लिए संकटपूर्ण है।
आयुर्वेद मानता है कि सुबह पित्त-कफ असंतुलन से शरीर में ऊर्जा ह्रास होता है और थकान घेर लेती है।
रिफाइंड आटे की ब्रेड में पोषक तत्व न्यून होते हैं। फाइबर, विटामिन्स की कमी से पेट की सफाई प्रभावित होती है, खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और दिल की बीमारियां न्योता खाती हैं।
पाचन सुस्त पड़ जाता है, कब्ज होता है। कार्ब्स फैट बनकर वजन बढ़ाते हैं और मेटाबॉलिक रेट गिर जाता है।
एनर्जी का स्तर अस्थिर रहता है। क्षणिक उर्जा के बाद भूख का तांडव शुरू। अग्नि मंद होने से अपच, भारीपन की शिकायत रहती है।
स्वास्थ्य रक्षा के लिए ब्रेड को दही, नट्स या हरी सब्जियों से जोड़ें। होल ग्रेन ब्रेड अपनाएं और सुबह की यह गलती सुधारें।