कई लोगों को प्रातःकाल भारी सिर और भौंहों में दर्द सताता है। स्क्रीन के अतिप्रयोग के बजाय, वात असंतुलन और नींद 부족 इसका मूल कारण हो सकता है। आयुर्वेद के प्राचीन नुस्खे चमत्कार दिखाते हैं।
आधुनिक अध्ययन पुष्टि करते हैं—भौं क्षेत्र साइनस और नसों से संयुक्त। नींद अपूर्ण होने पर हार्मोन बिगड़ते हैं, आंखें तनावग्रस्त हो दर्द उत्पन्न होता है।
वात वृद्धि नींद बाधित कर तंत्रिकाओं को विक्षुब्ध करती है। समाधान के लिए नस्य करें: शयन पूर्व घी बूंदें नासिका में। श्वास राहत मिलेगी।
पाद मालिश लाभकारी—दिन की थकान मिटेगी, शरीरविष बाहर होगा, निद्रा गहन आएगी। ब्राह्मी-जटामांसी सेवन से चित्त स्थिर, नींद सुखद।
त्रिफला स्नान नेत्रों को ताजगी देगा। हल्दी-मिर्च-जायफल दूध रात्रि भोजन बने—मन शांत, शक्ति संचय।
ये सरल विधियां वात नियंत्रित कर दर्दमुक्त जीवन देंगी। विशेषज्ञ से परामर्श लें।