फास्ट लाइफ में पेट की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं—गलत खानपान, फाइबर की कमी और स्ट्रेस से कब्ज, भारीपन और गैस की शिकायतें परेशान कर रही हैं। हरा चना इसकी सटीक दवा है। उच्च फाइबर कंटेंट इसे पाचन का सर्वोत्तम मित्र बनाता है।
आयुर्वेदिक दृष्टि से, यह पित्त-कफ संतुलक है। पेट के चिपचिपेपन को खत्म कर आंतों को सक्रिय रखता है। पाचन अग्नि को मजबूत बनाकर पोषक तत्वों का पूरा लाभ दिलाता है।
शोध बताते हैं कि इसके दोनों फाइबर प्रकार मल को आगे धकेलते हैं, कब्ज भगाते हैं और सूजन घटाते हैं। प्रोटीन-फाइबर कॉम्बो ब्लड शुगर स्थिर रखता है, ओवरईटिंग रोकता है।
आयरन से एनीमिया, मैग्नीशियम से मसल्स स्ट्रेंथ, एंटीऑक्सीडेंट्स से हार्ट प्रोटेक्शन। एसिडिटी वालों के लिए ठंडक देने वाला। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल और इम्यून बूस्ट भी।
पुलाव, चाट, स्प्राउट्स या करी में डालें। रोजाना हरा चना—पेट हेल्दी, लाइफ हैपी।