खराब आदतों के चलते भारत में हृदय रोग तेजी से फैल रहे हैं। युवाओं में भी डायबिटीज, हाई बीपी और कार्डियक समस्याएं आम हो गई हैं। मौतों के आंकड़े चिंताजनक हैं, लेकिन आयुर्वेद घरेलू नुस्खों पर जोर देता है—दालें और फलियां हृदय के सबसे अच्छे मित्र हैं।
आयुर्वेद में आम और चिंता को हृदय रोगों का कारण बताया गया है। जंक फूड और अनियमित दिनचर्या इसे बढ़ाती है। दालों का घुलनशील फाइबर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, धमनियों को ब्लॉक होने से बचाता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा घटता है।
लो जीआई वाली ये दालें मधुमेह नियंत्रण और बीपी में भी सहायक हैं। राजमा, मसूर दाल, लोबिया, मूंग दाल, चने और मोठ को प्राथमिकता दें। सूप, सलाद या ब्राउन राइस के साथ परोसें—ब्राउन राइस के गुण शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त रखते हैं।
आहार में फाइबर युक्त सब्जियां, सलाद शामिल करें। योग, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन जरूरी है। आयुर्वेद सिद्ध करता है कि नियमित सेवन से हृदय न केवल सुरक्षित रहता है, बल्कि ऊर्जावान भी बना रहता है। आज से ही शुरू करें यह स्वास्थ्य यात्रा।