पूर्वी एशिया का मंगोलिया खसरे के भयानक प्रकोप से जूझ रहा है। एनसीसीडी के सोमवार के बयान में कहा गया कि कुल 14,123 मामले दर्ज हो चुके हैं। संक्रमण मुख्यतः आंशिक टीकाकृत स्कूली बच्चों में पाया गया है।
स्वास्थ्य केंद्र ने अभिभावकों को चेतावनी दी है कि दो डोज वाली वैक्सीन अनिवार्य रूप से लगवाएं। दुनिया की सबसे संक्रामक बीमारियों में शुमार खसरा हवा मार्ग से फैलता है। इसके लक्षणों में उच्च ज्वर, कफ, नाक बहाव और त्वचा पर चकत्ते प्रमुख हैं। वायरस दो घंटे तक संक्रामक बना रहता है, एक व्यक्ति 18 को शिकार बना सकता है।
बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है। वैक्सीन आने से पहले महामारियां आम थीं, 26 लाख वार्षिक मौतें होती थीं। फिर भी 2023 में 1.075 लाख की जान गई। लक्षण संपर्क के 10-14 दिन बाद प्रकट होते हैं—पहले चरण में 4-7 दिन नाक-खांसी-आंखें प्रभावित, उसके बाद दाने चेहरे से पैर तक 3 दिनों में फैलते हुए 5-6 दिन बने रहते हैं।
मंगोलिया को अब व्यापक टीकाकरण अभियान चलाने होंगे। यह वैश्विक चेतावनी है कि टीके की पूरी खुराक जरूरी है। समुदाय एकजुट होकर इस चुनौती से निपटे।