वाशिंगटन से बड़ी खबर, जहां डीईए ने भारत संचालित वैश्विक ड्रग रैकेट पर शिकंजा कसा और 200 से ज्यादा ऑनलाइन फार्मेसी डोमेन जब्त कर लिए। 27 जनवरी को शुरू हुए ऑपरेशन मेल्टडाउन में चार गिरफ्तारियां हुईं, साथ ही प्रशासनिक आदेश जारी कर संचालन रोका गया।
यह गिरोह प्रिस्क्रिप्शन रहित नकली और डायवर्टेड दवाओं का कारोबार चला रहा था, जो छह मौतों और चार ओवरडोज का कारण बना। सीएसए के नियम तोड़ते हुए ये साइटें यूएस-स्टाइल दिखावा करती थीं, लेकिन फेंटानिल-मिश्रित गोलियां बांट रही थीं।
जांच एजेंसियों ने हजारों खरीदारों का पता लगाया और सूचना के लिए 20 हजार पत्र भेजे। भारत के कानून प्रवर्तन के साथ सहयोग से डीईए ऐसे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ रहा है।
यह घटना डिजिटल दवा बाजार के खतरे बताती है। ग्राहक सतर्क रहें, केवल अधिकृत फार्मेसियों से ही खरीदारी करें ताकि जानलेवा जोखिम से बच सकें। अभियान जारी है, और आगे की कार्रवाइयों से अपराधियों को कड़ा संदेश मिलेगा।