बाहर से स्वस्थ दिखने वाले दांत अंदर से सड़न का शिकार हो सकते हैं। यह चुपचाप हमला करती है, दर्द तक पता नहीं चलता। सूजन या दर्द पर ध्यान जाता है, लेकिन यह छिपी दुश्मन ज्यादा घातक है।
एक बार फैलने पर सारे दांत प्रभावित हो जाते हैं। बचाव ही एकमात्र रास्ता है। प्रक्रिया इतनी धीमी कि लक्षण देर से दिखते हैं।
ज्यादा मिठाई, गलत ब्रशिंग, मुंह सूखना, पोषक तत्वों की कमी और सोने से पहले ब्रश न करना मुख्य वजहें हैं। घरेलू आयुर्वेदिक तरीके कारगर हैं।
लौंग तेल रात को मलें, बैक्टीरिया खत्म होंगे। नीम दातुन मसूड़ों को ताकतवर बनाएगी। नारियल तेल घुमाकर कुल्ला कोनों की सफाई करेगा।
सरसों तेल में नमक मिलाकर लगाएं, दर्द और पीलापन दूर। खाने में कैल्शियम-विटामिन डी बढ़ाएं, मसूड़ों से खून रुकेगा। संतरे जैसे फल विटामिन सी भरेंगे। ये आदतें दांतों को हमेशा सुरक्षित रखेंगी।