आंवला—सर्दी का वो फल जो आयुर्वेद में सर्वश्रेष्ठ रसायन माना जाता है। वात-पित्त-कफ संतुलित कर रक्त शुद्धि से लेकर सौंदर्य तक लाभ पहुंचाता है। लेकिन रस का कड़वा स्वाद सबको भाता नहीं। यहीं चमकता है आंवला पानी का महत्व—सरल, स्वादिष्ट और उतना ही असरदार।
तैयारी आसान: रातभर आंवला टुकड़े पानी में डुबोएं, भोर में उबालें, छानकर पिएं। पित्त प्रकृति शांत कर आग्नि ज्वालामयी रखता है, ओजस संनादति।
लाभों की भरमार: एसिडिटी भागी, आंतरिक ज्वाला बुझी, इम्यूनिटी सशक्त, त्वचा-बालों पर निखार, detox पूर्ण व रक्त निर्मल। प्रतिदिन 30 दिन खाली उदर सेवन से दीर्घायु का वरदान।
चेतावनी: पाचन दुर्बल या कफ प्रधान रोग में रस त्याज्य—शीतल गुण कफ वर्धन कर सकता। आंवला जल हर किसी के लिए सुरक्षित औषधि। जीवनशैली में शामिल कर लाभ लें, स्वास्थ्य की उड़ान भरें।