स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु आईआईटी कानपुर में फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन का सफल आयोजन हुआ। एनएचए, आईसीएमआर-एनआईआरडीएचडीएस और आईआईटी के संयुक्त तत्वावधान में 19-24 जनवरी 2026 तक चले इस कार्यक्रम ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की नींव रखी। फेडरेटेड मॉडल्स पर केंद्रित यह प्रयास डेटा गोपनीयता बनाए रखते हुए बड़े पैमाने पर एआई विकास पर जोर देता है।
एनएचए सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने चेतावनी दी कि एआई को स्वास्थ्य सेवाओं में अपनाने से पहले बड़े और विविध डेटासेट पर परीक्षण आवश्यक है। इससे जन विश्वास मजबूत होगा और कोई वर्ग उपेक्षित नहीं रहेगा। भारत अब भरोसेमंद एआई निर्माण की ओर अग्रसर है।
आयुष्मान भारत योजनाओं के संदर्भ में उन्होंने क्षेत्रीय विविधताओं के अनुकूल एआई की मांग की। 374 आवेदनों से उत्साह दिखा, जिसमें टीमें और व्यक्तिगत प्रतिभागी शामिल थे। विजेता दलों को प्रमाणपत्र व 12 लाख का पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम में प्रो. संदीप वर्मा, मणिंदर अग्रवाल और ऋतु महेश्वरी ने तकनीक-सरकार एकीकरण पर बल दिया। डॉ. आर.एस. शर्मा ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सराहना की, जबकि विवेक राघवन ने अच्छे डेटा, नियमों और स्वदेशी मॉडल्स की आवश्यकता बताई। यह पहल भारत के डिजिटल स्वास्थ्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।